शिक्षा में अवरोध और मंदबुद्धि का कारण ये सूत्र पाराशर जैमिनी लाल किताब का निचोड़ है।
बताया सूत्र 100% शास्त्र सम्मत है
1. लग्नेश 3/4/6/8/12 में हो तो लग्नेश त्रिक भावस्थ योग बनता है।
लग्न बुद्धि, शरीर, आत्मविश्वास का कारक होता है। तृतीय भाव मे लग्नेश हो तो मेहनत तो करेगा पर दिमाग भटकेगा। चतुर्थ भाव में लग्नेश हो तो माँ का सुख के कारण मन अशांत पढ़ाई नहीं। छठे भाव मे लग्नेश होने पर रोग, शत्रु, मामा से लड़ाई बाद विवाद के कारण स्कूल छूटता है । अष्टम में लग्नेश होने पर रिसर्च तो करेगा पर डिग्री नहीं। गुप्त चिंता बनी रहेगी। बारहवें भाव में लग्नेश होने पर नींद ज्यादा, हॉस्टल में पैसा बर्बाद, विदेश जाकर भी फेल। कारण पिछले जन्म में विद्या का अहंकार, किताब फाड़ना, टीचर का अपमान करना।
2. पंचमेश नीच/अस्त/6/8/12 में हो और पापी ग्रह साथ हो तो विद्या भंग योग बनता है। पांचवा भाव बुद्धि, शिक्षा, याददाश्त का भाव होता हैं। पंचमेश नीच का हो तो दिमाग की नस दबने का योग होता है समझता है पर याद नहीं होती है।
6/8/12 में पंचमेश हो तो शिक्षा में अवरोध का कारण अस्पताल, कोर्ट, कचहरी, अत्यधिक खर्च 8 वें में हो तो पढ़ाई बीच में छूटना।
शनि/राहु/मंगल के साथ लग्नेश पंचमेश का युति होने पर, शनि देर से सीखना। राहु नकल की आदत, गलत संगत। मंगल , गुस्से में किताब फाड़ देना जैसा दोष खड़ा करता है।
3. बुध-गुरु-शुक्र का लग्नेश/पंचमेश से संबंध न हो तो ज्ञान त्रिकोण भंग योग बनता है। बुध गणित, याददाश्त, तर्क कैलकुलेशन का कारक होता हैं
गुरु ज्ञान, डिग्री, संस्कार का कारक होता है। शुक्र रटने की कला, सुंदर लिखावट और आकर्षण का कारक होता है। पचमेश लग्नेश से अच्छा सम्बन्ध बुध गुरु शुक्र का यदि है तो जातक विद्वान बनेगा नहीं है तो मंद बुद्धि का हो कर कष्ट कटेगा।
4. पंचम में सूर्य चंद्र का युति होने पर अमावस्या योग दोष होता है सूर्य चंद्�
